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सीलियक बिमारी से निपटना मुशकिल

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Nitika, Star Live 24
Saturday, November 29, 2014
पर प्रकाशित: 15:25:21 PM
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सीलियक बिमारी से निपटना मुशकिल

नई दिल्ली,(नितिका अहलूवालिया)।। मोदी के स्वच्छ भारत स्वच्छ स्वस्थ अभियान के चलते इंडियन मैडिकल ऐसोशिएशन ने स्वच्छ हॉस्पताल स्वच्छ भारत का अभियान शुरु किया और इसी के चलते देश में नई बीमारियों को खत्म करने की बात कही।

देश में बड रही नही बीमारियां बच्चो और बूढ़ो के लिए हानि कारक बन रही है और इन बीमारियों से निपटना बहुत मुश्किल है।  इंडियन मैडिकल ऐसोशिएशन में एक प्रेस कोंफ्रेस के दौरान सीलियक  सपोर्ट आर्गेनाईजेशन के प्रेसिडेट डॉ एस.के मितल ने  नई बिमारी सीलियक के बारे में बताया।

क्या है सीलियक बीमारी?

सीलियक बीमारी हररोज खान वाले पदार्थ गेहू से पैदा होती है क्योकि इसके अंदर ज्यादा मात्र में ग्लूटन प्रोटिन होता है जो हानिकारक होता है और उसी की वजह से यह बिमारी बच्चो में ज्यादा देखने को मिल रही है और इस बिमारी का प्रचलन(1%) और  HIV Aids जैसी बिमारीयों से चार गुना अधिक है।

कैसे होती है ये बिमारी ?

गेंहू, आटा, सूजी और गेहू से बनी कोई भी चीज खाने से ये बीमारी फैलती है और ये बिमारी वंशानुगत होती है। सीलियक बिमारी उन लोगों को होती है जिनके शरीर में DQ2-DQ8 नाम के एच.एल.ऐ जीन्स पाये जाते है और ये जिन्स 30% मे से सिर्फ 3% लोगों में होता है।

क्या खाना चाहिए

चावल, मक्का, सोयाबीन खाना चाहिए।

सीलियक बीमारी के लक्षण

शरीर में ऊर्जा, प्रोटीन, आएरण,विटामीन,कैल्सियम की कमी होने लगती है और इससे विभिन्न प्रकार के लक्षण होते है जैसे दस्त लगना,पेट फूलना, वजन बढ़ना, खून की कमी होना।

इस प्रेस कॉनफ्रेस में सीलियक  सपोर्ट आर्गेनाईजेशन के प्रेसिडेट डॉ एस.के मितल,इस आर्गेनाईजेशन की (Gen. Secretary) डॉ सुष्मा नरायण और आपोलो अस्पताल के डॉ विद्धयुत बाटिया भी मौजुद थे।



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